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आर्थिक प्रशासन

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    आर्थिक प्रशासन प्रभाग के बारे में

    कृषि और किसान कल्याण विभाग में आर्थिक प्रशासन (ईए) प्रभाग तीन संलग्न कार्यालयों अर्थात अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय (डीईएस), कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) और एमएनसीएफसी (फसल योजना के लिए) से संबंधित सभी प्रशासनिक और वित्तीय मामलों से संबंधित है ।

    कृषि और किसान कल्याण विभाग के संलग्न कार्यालय अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय (डीईएस), का प्रमुख, वरिष्ठ अर्थ एवं सांख्यिकी सलाहकार होता हैं । डीईएस सरकार द्वारा नीति निर्माण के लिए आवश्यक कृषि और संबंधित क्षेत्रों के विविध पहलुओं पर आंकड़े एकत्र करता है, प्रसारित करता है और प्रकाशित करता है ।

    डीईएस के प्रमुख प्रभाग (i) खेती की लागत (ii) भूमि उपयोग सांख्यिकी/विशेष डेटा प्रचार-प्रसार मानक (iii) वाणिज्यिक फसलें (iv) खाद्य निर्यात (v) समन्वय (vi) मूल्य एवं विपणन (vii) फसल पूर्वानुमान समन्वय केंद्र (viii) कृषि आर्थिक अनुसंधान (ix) कृषि सांख्यिकी हैं।

    इन वर्षों में, किसानों के लाभ के लिए कृषि आंकड़ों के कवरेज, गुणवत्ता और समय पर उपलब्धता में सुधार लाने के लिए डीईएस द्वारा कई पहल की गई है । डीईएस के कामकाज का अधिक विवरण http://desagri.gov.in पर इसके वेबसाइट में देखा जा सकता है ।

    डीईएस के संबंध में ईए डिवीजन द्वारा निम्नलिखित गतिविधियां की जाती है:-

    • बजट अनुमानों (बीई), संशोधित अनुमानों (आरई) को अंतिम रूप देना और योजनाओं/डीईएस के गैर-योजना व्यय से संबंधित निधियों का पुन: विनियोग;
    • डीईएसद्वारा कार्यान्वित की जा रही समेकित कृषि जनगणना, अर्थ एवं सांख्यिकी योजना नामक योजना के पांच (5) स्वतंत्र घटकों के लिए चार त्रैमासिक किस्तों में धनराशि जारी करना:-
    • कृषि सांख्यिकी में सुधार (आईएएस),
    • भारत में प्रधान फसलों की खेती की लागत का अध्ययन करने के लिए व्यापक योजना (सीएस),
    • कृषि-आर्थिक अनुसंधान केंद्र (एईआरसी),
    • योजना प्रबंधन और नीति निर्माण (पीएम एंड पीएफ),
    • अंतरिक्ष, कृषि मौसम विज्ञान और भूमि आधारित प्रेक्षणों (एफएएसएएल) का उपयोग कर कृषि उत्पादन की भविष्यवाणी
      • पिछले वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान, उपर्युक्त पांच घटकों (कृषि जनगणना घटक सहित, जो डीएएंडएफडब्ल्यू के कृषि जनगणना प्रभाग द्वारा निपटाए जाते हैं) के कार्यान्वयन के लिए बजट अनुमान (BE) के रूप में कुल 37400.00 लाख रुपये आवंटित किए गए थे. संशोधित अनुमान (RE) के तहत 27023.00 लाख रुपये के आवंटन को संशोधित किया गया था । आवंटित कुल धनराशि में से 31 मार्च, 2021 तक 26726.75.00 लाख रुपये की धनराशि जारी की गई है, जो कुल संशोधित आवंटन का 98.90 प्रतिशत है।
      • चालू वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान, समेकित कृषि जनगणना, अर्थ एवं सांख्यिकी योजना के लिए बजट अनुमान (BE) के तहत कुल 32500.00 लाख रुपये की धनराशि आवंटित की गई है।

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      कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के संलग्न कार्यालय कृषि लागत एवं मूल्य आयोग, (सीएसीपी) का प्रमुख अध्यक्ष हैं। सीएसीपी, जिसे पहले कृषि मूल्य आयोग (एपीसी)) के नाम से जाना जाता था, की स्थापना जनवरी, 1965 में की गई थी ताकि अर्थव्यवस्था की समग्र आवश्यकताओं के परिप्रेक्ष्य में और उत्पादक और उपभोक्ता के हितों के संबंध में संतुलन और एकीकृत मूल्य संरचना विकसित करने की दृष्टि से प्रमुख कृषि वस्तुओं की मूल्य नीति पर सरकार को सलाह दी जा सके । मार्च 1985 से आयोग कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) के नाम से जाना जाता रहा है। सीएसीपी कामकाज का अधिक विवरण http://cacp.dacnet.nic.in पर उनकी वेबसाइट में देखा जा सकता है ।

      सीएसीपी में एक अध्यक्ष, एक सदस्य (सरकारी अधिकारी), दो सदस्य (गैर-सरकारी) और एक सदस्य सचिव होते हैं । गैर-सरकारी सदस्य कृषक समुदाय के प्रतिनिधि होते हैं। वे आमतौर पर लंबे क्षेत्र के अनुभव और कृषक समुदाय के साथ सक्रिय सहयोग वाले व्यक्ति होते हैं। मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार, अध्यक्ष, सदस्यों (सरकारी और गैर-सरकारी) सचिव और सीएसीपी के सदस्य के पदों पर नियुक्ति के लिए कैबिनेट की नियुक्ति के लिए समिति (एसीसी) की मंजूरी की आवश्यकता है । सीएसीपी के अध्यक्ष और सदस्यों का चयन कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में गठित खोज-सह-चयन समिति द्वारा किया जाता है।

      सीएसीपी की वर्तमान संरचना के रूप में है:-

      • 1. अध्यक्ष - रिक्त
      • 2. सदस्य सचिव - श्री अनुपम मित्रा
      • 3. सदस्य (अधिकारी) - डॉ नवीन प्रकाश सिंह
      • 4. सदस्य (गैर सरकारी) - रिक्त
      • 5. सदस्य (गैर सरकारी) - रिक्त

      महालनोबिस राष्ट्रीय फसल पूर्वानुमान केंद्र (एमएनसीएफसी), जिसे पहले राष्ट्रीय फसल पूर्वानुमान केंद्र (एनसीसीएफ) के रूप में जाना जाता था, कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्री का एक संलग्न कार्यालय भी है। एमएनसीएफसी के अध्यक्ष निदेशक (संयुक्‍त सचिव स्तर के अधिकारी) हैं।

      एमएनसीएफसी द्वारा जिन तीन प्रमुख योजनाओं का कार्यान्वयन किया जा रहा है उनमें एफएएसएएल (FASAL), सीएचएएमएएन (CHAMAN), एनएडीएएमएएस (NADAMAS) हैं। एफएएसएएल योजना के तहत एमएनसीएफसी की भूमिका अंतरिक्ष, कृषि मौसम विज्ञान और भूमि आधारित प्रेक्षण का उपयोग कर कृषि उत्पादन की भविष्यवाणी करना है। एफएएसएएल के लिए बजटीय विज्ञप्ति डीईएस के माध्यम से ईए डिवीजन द्वारा कराई जाती हैं।

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